रातभर
मैं रात भर सुलगता रहा / ढूँढता रहा वेदना का अर्थ /बंद कम्र्रे की घुटन के दर्पण मैं/ उकेलता रहा हर ...
satya narayan sharma द्वारा 31 मई, 2010 6:22:00 PM IST पर पोस्टेड
कवि
आकांछाओ का एक paashaan .होना था इससे एक निर्माण /आँसुओं से इसे धोकर,समाज की छैनी की ठोकर /से तराशा ...
satya narayan sharma द्वारा 31 मई, 2010 6:13:00 PM IST पर पोस्टेड
प्रेम प्रसंग
अखबार की बड़ी बड़ी सुर्खियों में छपा प्रेम प्रसंग /हजारों लोग जिसे पद्कर राह गए विस्मित और दंग. एक ...
satya narayan sharma द्वारा 31 मई, 2010 5:57:00 PM IST पर पोस्टेड
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